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फेसबुक क्रिएटिविटी का कूड़ेदान ..!

                                                               

फेसबुक बहुत अच्छा माध्यम है जहा हर इंसान आज़ाद है अपनी क्रिएटिविटी दिखाने के लिए , पर हर रचनात्मक कार्य उस इंसान के बारे मैं बहुत कुछ कह जाता है , जिसको शायद वह समझ नहीं पाता है , मैं भी ऐसा ही एक क्रिएटिव आदमी हु , जिसे हर लाइक एक नयी उर्जा देता है और मैं उस उर्जा को और लोगो को बोर करने, अपने लेखो से टार्चर करने , और अपने विचारो से परेशान करने के लिए इश्तेमाल करता हु ! ये रचनात्मक कार्य इंसान की पहचान बन जाते है और हम समझ जाते है कौन मित्र किस प्रकार की पोस्ट करेगा! आज मैं जरा उन मित्रो के बारे मैं लिखना चाहता हु , जिनमे मैं भी हु ..की कैसे फेसबुक पर लोग क्रिएटिविटी का अत्याचार फैला रहे है :
लेखक मित्र : ये मित्र अकसर मेरी तरह होते है , कुछ भी लिख देते है , किसी पर भी लिख देते है , और चाहते है की फ्रेंड लिस्ट का हर मित्र उसको लाइक करे , और अगर उनको पोस्ट करने के पांच मिनट तक कोई लाइक नहीं मिलता तो , फिर उस पोस्ट को दुबारा सब तो टैग करके रि - पोस्ट कर देते है , ये सिर्फ कमेंट के भूखे होते है !
कवी मित्र : फेसबुक से अच्छा कोई माध्यम नहीं है इनके पास अपनी क्रिएटिविटी दिखने का का आम जीवन मैं शायद आप कभी इनसे मिलना पसंद नहीं करेंगे, कभी इनकी रचनाओ के आस पास भी नहीं भटकेंगे ...परन्तु जब आप सुबह फेस बुक खोलते है तो दो चार रचनाये आपको टैग की हुई मिलती है , ऐसा लगता है जैसे आप के कारण ही इनकी रचनाओ की दुकान चल रही है , रचनाये आपको समर्पित होती है , यह उनको समर्पित होती है मुझ जैसे लोगो को जिनका आम जीवन मैं कविता, दोहे और शेरो से कभी पाला नहीं पड़ा, और न ही साहित्य से ..!
फोटोग्राफर मित्र: पहले ज़माने मैं फोटोग्राफी एक महंगा शौक हुआ करती थी , परन्तु आज हर फ़ोन पे कैमरा है ,और रील की जरुरत नहीं है इसलिए फेसबुक मैं लेखको के बाद फोटो वालो ने अत्याचार फैला रखा है , आप कही भी जाये , शादी मैं, फंक्शन मैं, जो ऑफिसियल फोटोग्राफर है उसके अलावा दूल्हा- दुल्हन के अगल बगल मैं सब कैमरा फ़ोन वाले खड़े हो जाते है फोटो लेने, यह एक अब स्टेटस सिंबल भी बन गया है , लेटेस्ट स्मार्ट फ़ोन दिखने का, और शादी, मुंडन,हनीमून, सब फोटो अगले दिन फेसबुक मैं होती है , पूरा पहाड़ आज कल फेसबुक पर है , झट खोलो सीधा pauri की फोटो सामने आ जाती है , ये है नेचर लवर का लेकिन जो मुझसे सबसे दुःख देते है वो है ,जो राजनीतिज्ञों के इर्द -गिर्द खड़े होकर फोटो खिचवाते है फिर उसे सब को टैग करते है अगले ही मिनट..!
गुड मोर्निंग/गुड नाईट करने वाले दोस्त: मेरे कुछ मित्र ऐसे भी है , वो सुबह उठते है है सबसे पहले सबसे अच्छा गुड मोर्निंग का पोस्टर ढूढ़ते है फिर दन्न से अपने स्टेटस पर चिपकाकर पूरी दुनिया को टैग कर देते है , इन्होने वैसे अपने मम्मी- पापा को कभी गुड मोर्निंग नहीं कहा होगा, पर यहाँ सब कुछ नियम से करते है , कुछ गुड मोर्निंग पर नहीं रुकते , गुड आफ्टरनून , गुड इवनिंग , और गुड नाईट पर जाकर ख़तम होते है !
राजनीती के अंधभक्त : ये मित्र चुनाव के दौरान काफी सक्रिय होते है , अपने नेता के अनुसार हर उस बात की सराहना करते है , जो उनका नेता कहता है, उस की बडाई करने के लिए अपना पूरा ज्ञान झोंक देते है और गलती से किसी ने भी उनके चहेते नेता का विरोध किया तो मरने - मरने पर उतारू हो जाते है पर इनके साथ लडाई करने का मजा अलग ही है !
और भी बहुत ही ;जिनका मैं उल्लेख करना चाहता था , परन्तु समय की कमी के कारण ;
कैंडी क्रश वाले दोस्तों से समाप्त करूँगा....ये सदा ही आपको खेलने का इनविटेशन देते रहते है , चाहे आम जिंदगी मैं ये आपके सामने नहीं भटकते नहीं होंगे पर ...कैंडी क्रश लेकर सदा बुलाते रहते है ..!
मैं खुश नसीब हु की मैं अब आमदी हु , औरत जात से नहीं हु , सुना है उनका तो फेसबुक पेज सिर्फ रचनाकारों की प्रस्तुति से ही भरा रहता है !...पर जो भी हो ..इन सब क्रिएटिव दोस्तों के बिना फेसबुक का मजा अधुरा है ...!

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