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चैत्रमासी अष्टमी कौतिक मेला: इतिहास, अग्नेरी माता, पांडवों की कथाएँ एवं बैराथ का महत्व

  चैत्रमासी अष्टमी कौतिक मेला: इतिहास, अग्नेरी माता, पांडवों की कथाएँ एवं बैराथ का महत्व परिचय चैत्रमासी अष्टमी कौतिक मेला भारतीय सांस्कृतिक विरासत का एक अनमोल रत्न है। यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन में भी अद्वितीय परिवर्तन लेकर आया है। इतिहासकारों की दृष्टि से यह मेला प्राचीन लोककथाओं, शासकीय संरक्षण एवं पौराणिक कथाओं के संगम का प्रमाण है, जहाँ अग्नेरी माता की आराधना, पांडवों के आदर्श और बैराथ की विशिष्ट पहचान ने इसे और भी समृद्ध बना दिया है।  ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और शासकीय संरक्षण प्राचीन काल से आधुनिकता तक स्थापना एवं विकास: चैत्रमासी अष्टमी कौतिक मेला की जड़ें प्राचीन समय में ही मिल जाती हैं। प्रारंभिक काल में इसे स्थानीय प्राकृतिक चक्रों और कृषि के साथ जोड़ा जाता था। स्थानीय जनश्रुति और पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह मेला उस भूमि की पवित्रता का प्रतीक था जिसे पांडवों ने अपने वनवास के दौरान छुआ माना था।  राजाओं का योगदान: मध्यकालीन दौर में, विभिन्न शासकों ने इस मेले को अपने राज्य में आध्यात्मिक ...

देवभूमि के डिजिटल सितारे: सफलता की अनोखी कहानियां

  देवभूमि के डिजिटल सितारे: सफलता की अनोखी कहानियां देवभूमि उत्तराखंड की पहाड़ियों से आज नए सितारे उग रहे हैं। इन सितारों की चमक डिजिटल दुनिया में फैल रही है, और उनकी सफलता की कहानियां लाखों लोगों को प्रेरित कर रही हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ प्रेरणादायक कहानियां। हल्द्वानी का डिजिटल जादूगर हल्द्वानी के सौरभ जोशी की कहानी एक साधारण युवक से असाधारण इन्फ्लुएंसर बनने की यात्रा है। आज 42 लाख से अधिक लोग उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को देखते हैं, उनसे सीखते हैं, और प्रेरणा लेते हैं। मासिक 60 से 80 लाख रुपये की कमाई के साथ, उनकी सफलता बताती है कि ईमानदारी और मेहनत से कोई भी मंजिल पाई जा सकती है। मोटरसाइकिल पर सफलता की सवारी UK07 Rider के नाम से मशहूर अनुराग डोभाल ने साबित किया कि शौक को करियर में बदला जा सकता है। आज उनके 7.62 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर्स उनकी यात्राओं में साथ चलते हैं। प्रति माह 10 से 15 लाख रुपये की कमाई के साथ, और बिग बॉस 17 में भागीदारी ने उनकी प्रतिभा को एक नया मंच दिया। योग नगरी की डिजिटल योद्धा ऋषिकेश की तनु रावत ने अपनी प्रतिभा से सोशल मीडिया पर धूम मचा दी। त्रिपुंड ...

युग पुरुष स्वामी मन्मथान । Charu Tiwari

स्वामी मन्मथन जी की आज पुण्यतिथि है। हमने 'क्रियेटिव उत्तराखंड-म्यर पहाड़' की ओर से हमेशा याद किया। हमने श्रीनगर में उनका पोस्टर भी जारी किया था। उन्हें याद करते हुये- हे ज्योति पुत्र! तेरा वज्र जहां-जहां गिरा ढहती गर्इ दीवारें भय की स्वार्थ की, अह्म की, अकर्मण्यता की तू विद्युत सा कौंधा और खींच गया अग्निपथ अंधकार की छाती पर तुझे मिटाना चाहा तामसी शक्तियों ने लेकिन तेरा सूरज टूटा भी तो करोड़ों सूरजों में। उनकी हत्या के बाद गढ़वाल में शोक की लहर दौड़ गर्इ। अंजणीसैंण (टिहरी गढ़वाल) में उनके द्वारा स्थापित श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम के आनन्दमणि द्विवेदी ने इस कविता से अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये। कौन है यह ज्योति पुत्र! निश्चित रूप से स्वामी मन्मथन। इस नाम से शायद ही कोर्इ गढ़वाली अपरिचित हो। साठ-सत्तर के दशक में गढ़वाल में सामाजिक चेतना के अग्रदूत। एक ऐसा व्यक्तित्व जिसने सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक चेतना का रास्ता खोला। स्वामी मन्मथन ने गढ़वाल में सामाजिक चेतना के कर्इ आंदोलन चलाये। महिलाओं की शिक्षा, बलि प्रथा का विरोध, छुआछूत के ख्िालाफ चेतना, नशे के खिलाफ लोगों को...