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आत्मचिंतन ..चुनावी हार का....मजा आम जनता का..!

भारतीय राजनीती को आप अगर काफी क्लोस्ली फॉलो करते है तो आप मनोरंजन के लिए कही और नहीं जायेंगे, न आपको सलमान खान की जरुरत पड़ेगी , और न ही आपको एकता कपूर की सास-बहु कि, क्योकि मुझे जो सुख राजनीती के ये दिग्गज देते है , उतना तो  मनोरंजन फिल्म इंस्टिट्यूट से निकले मझे हुए एक्टर भी नहीं दे सकते,  ज्यादा दूर जाने की जरुरत नहीं आजकल की ही बात लीजिये, चुनाव ख़त्म , अच्छे दिन आने वाले सरकार बनाने वाले है , हम बस यह इन्तजार कर रहे है कब हमारा अच्छा समय शुरू होगा, मोदी साहब बस कुछ दिनों के बाद मनमोहन सिंह की जगह बैठ जायंगे ,और बैठते है हमारे अच्छे दिन शुरू..!
अब बात उनकी भी के जाय , जो इस चुनाव मैं जनता को अपनी बातो और अपने वादों से रिझा नहीं पाए , और वो भी सब आपको कुछ न कुछ करते नजर आयेंगे , अब सब इतने भाग्यशाली तो है नहीं  नारायण दत्त तिवारी जी की तरह की चुनाव से पहले उन्हें बेटा मिल गया और वोट की गिनती से पहले उन्होंने शादी कर ली , लेकिन यहाँ तो और भी कलाकार है , जिनका जिक्र आगे होगा ! चुनाव ख़त्म अब चिंतन बैठको का दौर शुरू, अब पोस्ट मोर्टेम होगा की क्यों हारे, किसके कारण हारे ...मतलब सब टाइम खोटी , ऐसा ही एक चिंतन हमारे मुलायम सिंह यादव जी ने उत्तव पददेश मैं एक दिन पहले करवाया , और उसमे पुरे प्रदेश से बड़े और छुटभये नेता पधारे,
चिंतन सिर्फ २ घंटे मैं ख़तम , क्योकि सबको मालूम था फॉर्मेलिटी है इसलिए आये , और उसमे निकलना क्या था .हार का ठीकरा लाल बत्ती पे फोड़ दिया , अब मुख्यमंत्री तो बेटा है , फिर कैसे उसे कहते इस्तीफा दो, खैर ये तो मुलायम जी की बात हुई , सुना है मायावती जी भी ऐसा चिंतन करवाने वाली है ...देखते है वो किस पर अपनी हार का ठीकरा फोडती है , अब वो रहे न रहे पर उनकी मूर्ति है उसे तो कोई नहीं हटा सकता वो जरुर रहेंगी ,,,यह मायावती जी ने जीते जी अच्छा काम कर दिया है , मैं तो चाहता हु लगे हाथ संसद मैं भी एक मूर्ति लगवा देती तो काफी बेहतर होता , क्योकि वैसे अब उनके लिए जाना तो संभव नहीं लगा रहा पर मूर्ति जरुर रह सकती है,!

अब उत्तव पद्देस से सीधा चेन्नई चलते है यहाँ भी एक २ ज़ी फॅमिली ने राज किया था , खूब स्पेक्ट्रम खाया इन्होने , इनकी भी इस बार कोई सीट नहीं आई , उसका कारण ये नहीं जानते पर जनता जरुर जानती है ..घर की लड़ाई मैं इतने व्यस्त हो गए की पता ही नहीं चला कब चुनाव आये और कब अम्मा सब सीटें उड़ा ले गयी , मैं इनको ये एडवाइस जरुर देना चाहूँगा ...राजनीती छोड़े अपने परिवार की लड़ाई को सीधा यू ट्यूब पर लाइव डाल दे उस से ज्यादा पैसे कम लेंगे आप....आखिर करूणानिधि जी को इस उम्र मैं कहा कहा घुमाते फिरेंगे...अब वैसे भी २ जी का मामला फिर जोर पकड़ रहा है ,,अभी उनको अपनी लड़की और दूसरी बीवी को जेल जाने से बचाना है , ..और हद तो तब हो गयी जब मीडिया ने कह दिया की स्टालिन हार की जिम्मेवारी ले रहे है और अपने सभी पदों से इस्तीफा दे रहे है ....लेकिन सच कुछ और था ....यह उस मीडिया कर्मी से पूछिए जिसने यह खबर अपने कैमरे मैं कैद की और लोगो को बताई ,  जिसको  फिर इन सफ़ेद धोती पहन ने वालो नेताओ ने  रख के तोडा है !
तो कहिये दोस्तों है न मनोरंजन ...मैं तो इनही लोगो को फॉलो करता हु, फिर इन सब पर  मसाला मरने के लिए ..हमारे लालू यादव जी  और बेनी प्रसाद जी है न....कभी वक़्त मिले तो इन की भी वाणी का रस पीजिएगा....!अब इनका आत्मचिंतन हो न हो पर मेरा आत्म्प्रस्न्न जरुर हो गया है ...आशा है आप भी मेरे साथ है इन सब मैं....जय हो...!

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