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उत्तराखंड की सौगात...!

एक दोस्त की शादी मैं दो दिन के लिए उत्तराखंड जाना पड़ा , और शादी मैं दोस्त की मेहमान नवाजी से दिल खुश हुआ और काफी समय के बाद पहाड़ की रात की शादी अटेंड करने का अवसर प्राप्त हुआ, लेकिन शादी-शुदा और बच्चो को पिता होने के नाते , उनके बार बार फ़ोन आ रहे थे , पापा उत्तराखंड से क्या लाओगे ? यह प्रश्न बार बार वो फ़ोन कर के पूछ रहे थे , और मैं उनके इस प्रश्न से अच्छा खासा नाराज हो गया था , क्योकि आजकल के बच्चे आपसे सब मनवा और मंगवा लेते है और जब आप उनसे एग्जाम मैं अच्छे नंबर मांगते हो तो वो ...ठेंगा दिखा देते है ...फिर मैंने सोचा क्यों न उनको भी वही गिफ्ट किया जाय जो हमारे पापा हमें देते थे .....इसलिए दोस्तों जो बच्चे पीड़ित है मेरी तरह ..वो मुझसे यह ऐतिहासिक चीज ले सकते है ....जिसका हमारे बचपन मैं बड़ा महत्त्व रहा है .....

शिशोड़ (बिच्छु घास ) 
शिकौड ( डंडे)

मैं यह दोनों यंत्र दिल्ली लाया हु , जिस किसी भी महानुभाव को अपने बच्चे सुधारने के लिए इन यंत्रो की जरुरत हो , वह मुझसे संपर्क कर सकते है , परन्तु उस से पहले आपको अपनी शरारत के बारे मैं भी बताना पड़ेगा ..जिसके कारण मजबूरन आपके पिताजी -या माताजी को इन यंत्रो का प्रयोग करना पड़ा......आपके रिएक्शन की प्रतीक्षा रहेगी...!

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