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मदर 'स डे ( माँ से पार्टी मांगने का एक और दिन)



मदर'स डे की तैयारी एक दो दिन पहले मेरे घर मैं शुरू हो गयी थी, मेरी बेटियों का माँ के प्रति प्यार देखते ही बनता है, मैं भी आश्चर्यचकित था उनके इस प्रेम भाव से काफी प्रभावित भी था , दोनों बेटिया अक्सर एक दुसरे से झगड़ती रहती है , उनके बीच मैं किसी भी चीज पर सहमती कभी नहीं होती , आपस मैं लड़ना -झगड़ना उनका आम व्यवहार है, लेकिन अचानक इस प्यार से मैं भी सन्न था, मदर 'स डे पर दोनो अपनी मम्मी को सरप्राइज देना चाहते थे, दोनों ने गिफ्ट के लिए मुझसे पैसे मांगे, मैंने कहा अपने आप सुल्टो, तुम्हारी मम्मी तुम्हारे पैसे मैं कहा से आ गया बीच मैं, फिर दोनों के बीच मैं समझोता हुआ की अपने पिग्गी बैंक से दोनों बराबर -बराबर पैसे निकल कर गिफ्ट खरिदेंगे , दोनों ने रात को गिफ्ट ख़रीदा , कार्ड बनाया और मम्मी को गिफ्ट दिया, और जब मम्मी ने गिफ्ट खोला तो उसमे चोकलेट और कैंडी थी, मम्मी ने गिफ्ट खोलते ही , मम्मी कार्ड पढने मैं व्यस्त हो गयी , और दोनों ने चोकलेट एक मिनट मैं सफाचट कर दी और बची कैंडी उसपर दोनों के बीच मैं महाभारत हो गया , मम्मी कार्ड को छोड़कर इन दोनों के बीच , बीच बचाव करने लगी , दोनों लात घुसे और चप्पल तक पहुच गए, बड़ी मुश्किल से मम्मी ने डरा धमकाकर दोनों को शांत किया , और अब फिर दोनों के बीच फिर प्यार उमड़ आया है ,अब एक नयी फरमाईश पर काम हो रहा है , अब दोनों मॉल मैं जाकर मम्मी से राइड्स और पार्टी मांग रहे है, ...और मम्मी जी सोच रही है ......ये मदर 'स डे है या चिल्ड्रेन डे.....फिर मैंने श्रीमती जीको वो कहावत यद् दिलवाई ....खरबूजा चाकू पे गिरे, या चाकू खरबूजे पे ...काटना खरबूजे को ही है ....फिर भी आप सभी लोगो को मात्री दिवस की शुभकामनाये..!

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