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फैसबुकिया समाज सुधारक.

फेसबुक पर मैं देश को बदलने की कोशिश कर रहा हू, रोज मैं किसी न किसी से बहस करता हु, क्योकि वो मेरी बहुत सी बातो से सहमती नहीं रखते, मैं अपनी बात मनवाने किसी हद तक जा सकता हु, चाहे उसमे उनके घर तक और उनके रिश्तो को भी नाम देने मैं एक सेकंड नहीं लगता, मैं अपनी बात सदा ऊपर रखना चाहता हु क्योकि वो मैंने कही है, यही मैं ही मेरा सबसे बड़ा हथियार है, बड़े से बड़े संघर्षकर्ताओ, समाजसेवको ko अपने बदतमीज सवालो से मैं धराशायी कर देता हु, जिस से मैं एक बार बहस मैं उलझ जाता हु मैं तब तक उसे परेशान करता हु जब तक वाज मुझे ब्लाक न कर दे ! मुझे उन मुद्दों पे सबसे अधिक बहस करने का महारथ हासिल है जिनके बारे मैं रत्ती भर भी नहीं जनता , और न कभी जान ने की कोशिश करूँगा, मेरा मुख्य उद्देश्य अपने सामने किसी भी विचार को खड़े न होने देने का है, मैं विचार की भाषा नहीं  समझता हु सिर्फ स्वार्थ और अपनी बड़ाई के अलावा मुझे कुछ नजर नहीं आता है, देश के सवाल पर मेरी काफी अच्छी पकड़ है परन्तु किसी के जवाब सुन ने का मेरे अन्दर पेशेंस नहीं है,..मैंने धरातल पर कभी काम नहीं किया है....क्योकि मैं तो सिर्फ फैस्बूकिया समाजसुधारक हु.....जय हो..!

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