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क्या बदलेगा भारत चुनाव २०१४ के बाद ?




आजकल आप अख़बार खोलिए, टीवी देखो , रेडियो सुनिए सब जगह नेता लोग बड़ी मेहनत करते हुए नजर आ रहे है, हर नेता फेसिअल , मैनीक्योर , पेडीक्योर करवा कर टीवी स्क्रीन पर बिलकुल फ्रेश नजर आता है काफी क्रन्तिकारी हो गया  है वह ,भारतवर्ष को बदलना चाहता है , वह इस देश मैं फैली हर बुराई को मिटाना चाहता है आज आपको हर चुनावी रैली मैं ये नेता मिल जायेंगे, और आप को लगेगा की सचमुच यही मेरे वोट का हक़दार है, इसे मैंने वोट दिया तो मेरे सपनो के  भारत का निर्माण जरुर होगा ! वह हर जगह कभी  सड़क चलते आपको होअर्डिंग मैं नजर आता है, फिर एफ एम पे आपको सुनाई देता है और जब शाम को आप घर पहुच कर टीवी पर!

इनके वादे , इनकी कर्तव्य परायणता देख कर आप काफी खुश होते है, और आप को यकायक लगने लगता है की अब हमारा देश सचमुच तरक्की के पथ पर दौड़ पड़ेगा बस इस बार के चुनाव हो जाने दो, तभी मन मैं कुछ सवाल उठते है आखिर भारतीय मत दाता हु न, क्या सचमुच ऐसा होगा ?फिर सोचता हु :

अगर ये लोग इतने देश के लिए चिंतित है तो फिर हमारे देश मैं घोटाले कौन करते है?

 आज कल कांग्रेस ने ओवरटाइम करके कितने अच्छे काम कर रही है, रिजर्वेशन दे रही है, राजीव आवास योजना, बारह सिलिंडर, ७ वा पे कमीशन, एक रैंक एक पेंशन और पता नहीं क्या क्या !

बीजेपी चाय बनती हुए नजर आ रही है हर चौक एवं नुक्कड़ पर, कैसे नरेंदर मोदी ओवरटाइम कर रहे है, एक चाय वाला कैसे तैयार है इस देश की कमान संभालने के लिए, वैसे यह भी ठीक है, अर्थशास्त्री तो कुछ नहीं कर पाया, चायवाला जरुर कुछ करेगा !

केजरीवाल जी पुरे देश को झाड़ू से साफ़ करने पर तुले हुए है, और अभी इलेक्शन काफी दूर है तब तक कम से कम सफाई तो हो जाएगी गली मोहल्लो की !

मुलायम जी रोज टोपी पहन कर अपने आप को दिल्ली के दरबार मैं बैठे पाते है परन्तु तभी उत्तर प्रदेश मैं घटना होती है और वो अखिलेश को डाट ते नजर आते है, मुलायम जी आप और प्रधानमंत्री जी की कुर्सी के बीच अखिलेश की सरकार है, और जिस प्रकार से ये सरकार चला रहे है , उस से जरुर लगता है की पी एम तो संभव नहीं है, कही सी एम भी न रह पाए , इसलिए  उत्तर प्रदेश पर ध्यान दो !

ममता दीदी भी पी एम बन न चाहती है , अन्ना जी से वो बार बार आशीर्वाद लेती नजर आये दिल्ली मैं, वैसे भी अन्ना ही वो फार्मूला है जिसे अप्लाई करके दीदी को लगता है पी एम की कुर्सी तक पंहुचा जा सकता है.!

लालूजी आजकल हर डाकिये , और स्पीड पोस्ट वाले को रोक रोक कर पूछते है क्या दस जनपथ से कोई खबर आई है क्या, गठबंधन का अग्रीमेंट बना कर बैठे है परन्तु सोनिया जी  है कोई जवाब ही नहीं दे रही है !

चेन्नई मैं भी काफी हलचल है वह एक पी एम कैंडिडेट है जयललिता जी , उन्हें पूरी उम्मीद है की उनके भी चांसेस है, और बगल मैं ही उनके काफी घर के अन्दर से घमासान की आवाज आ रही है , करूणानिधि अपने इतनी बीवियों और बच्चों के बीच  मोदी की तारीफ करते नजर आ रहे है, लेकिन अपने बड़े बेटे और छोटे बेटे की लड़ाई का उनके पास कोई जवाब नहीं है, यह है २जी फॅमिली का हाल.

अभी अभी हमारे अपने एन डी' तिवारी जो को पुत्र प्राप्ति हुई है , जिनको इतनी वृधावास्ता के बावजूद यह खुश मिली , जय हो डीएनए  मशीन का , और अब समय आ गया है जब इस यंत्र द्वारा आपको अपने भूले- बिछरे रेडीमेड बच्चे मिलेंगे !

रामविलास पासवान को भी आजकल मोदी मैं पी एम नजर आने लगा है, धन्य है चुनावो का मौसम यह हर नेता को उसकी औकात बता देते है, लेकिन रुकिए बात यही नहीं ख़तम होती , चुनाव के नतीजे के बात पता चलेगा ये जोड़ कितना पक्का है..!

ये कुछ हलचल है जो आजकल इस चुनावी मौसम मैं चल रही है , परन्तु जैसे ही नेता को रैली का माइक मिलता है वो बिलकुल एक नए अवतार मैं चला जाता है , और करने लगता है देश बदलने की बाते.....क्या सचमुच बदलेगा देश इस बार?


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