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बच्चो के लिए कुछ भी...!

छोटे परिवार का एक दुःख यह भी है की माँ बाप के पास बच्चो के लिए समय काफी कम रहता है , लेकिन कभी कभी बच्चे ऐसी जिद कर बैठते है की माँ बाप को न चाहते हुए भी वह जिद माननी पढ़ती है, ऐसा ही आजकल मेरे साथ हो रहा है, हुए यो की मेरी छोटी बेटी जो अभी दूसरी कक्षा मैं पढ़ती है , वो अचानक एक पेट पालने कि जिद करने लगी , क्योकि हमारे एक रिश्तेदार ने अभी एक बड़ा कुत्ता गोद लिया है, वह चाहती है की हम भी एक पप्पी पाले, परन्तु दिन मैं क्योकि ऑफिस जाना होता है तो उसका ख्याल कौन रखे, उसे यह समझ आ गया और वह मान गयी , लेकिन अगले ही मिनट उसने एक शर्त रख दी, की ठीक है हम पप्पी नहीं पाल सकते , परन्तु एक काम जरुर कर सकते है , हर सन्डे को एक दिन आप मेरा डोगी बनेंगे और एक सन्डे मम्मी, और यह शर्त आपको माननी पड़ेगी, अन्यथा डोगी लाओ,....और उसकी जिद के आगे हम लोगो को झुकना पड़ा , पिछले हफ्ते वाइफ डोगी बनी थी इस सप्ताह मेरा नंबर है, उसने अभी से वो कुत्ते वाला पट्टा निकाल कर प्रेस कर दिया है....इस बार सन्डे को तो पक्का जुतुन्गा मैं भी......इसलिए साथियों इस सन्डे के सामाजिक काम मैं नहीं पहुच पाया तो समझ लेना आज कुत्ता बनने की बारी मेरी थी....जय हो शादी शुदा लोगो की...!

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