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Kiran Negi....The brutal rape and murder of an innocent Indian.

अभी -अभी जंतर मंतर से वापस पहुचा हू, जहा मुझे  किरण नेगी के परिजनो के दुख ने मुझे  झंझोड़ कर रख दिया, किरण की तस्वीर देखकर ऐसा लगा की वा बार- बार पूछ रही थी,,,भैया, क्या गलती थी मेरी, जो की मेरा ऐसा हश्र हुआ ? मैं एक साधारण सी लड़की , साधारण सपने लिये , अपने परिवार की सेवा करना चाहती थी, लेकिन उन दरिंदो ने मेरी इज्जत - आबरू और मेरी जान भी ले ली, आज मेरे मां, पिताजी और पूरा परिवार दर - दर की ठोकरे खा रहा है न्याय के लिये , प्रशासन , व्यवस्था सब मानो दुशमन हो गये है, ...पर आप तो मेरे अपने थे, ये समाज अपना था ..फिर क्यो आप नहीं है इस लड़ाई मैं मेरे परिजनो के साथ????.....क्या सचमुच हमारा समाज है किरण नेगी के साथ इस लड़ाई मैं??? पूछे अपने आप से हर उत्तराखंड वासी।...क्या यह लड़ाई हम सबकी नहीं है?? क्या हमे साथ नहीं ख्ड़े होना चाहिईए किरण नेगी के परिजनो के साथ???...आइये सब मिलकर इस अन्याय की इस लड़ाई को लदे और जल्दी से जल्द न्याय की गुहार लगाये सरकार से।.....इस लड़ाई से जुड़ने के लिये मिले १० बजे १६ फरवरी को द्वारका न्‍यायालय परिसर।.....आओ अब यह लड़ाई सब मिलकर  लड़े..!

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